Monday, February 2, 2026
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अजीत डोवाल का पुराना वीडियो फिर वायरल: ISI में ‘हिंदू भर्ती’ दावे पर देशभर में हंगामा

विवाद की शुरुआत: पुराना वीडियो, नया तूफ़ान

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के नाम से जुड़ा एक पुराना वीडियो एक बार फिर सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है। इस वीडियो में यह दावा सामने आता है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI, मुसलमानों की तुलना में अधिक हिंदू युवाओं को अपने नेटवर्क में भर्ती कर रही है।
इस कथन ने इंटरनेट पर तुरंत बहस, तनाव और गहरी प्रतिक्रिया छेड़ दी।

वीडियो के दोबारा वायरल होने से राजनीतिक गलियारों, सुरक्षा विश्लेषकों और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे देश में अविश्वास और भ्रम फैलाने वाली चाल बताया, जबकि कुछ लोग इसे गंभीर सुरक्षा संकेत के रूप में देख रहे हैं।

क्या वीडियो डीपफेक है?

वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने दावा किया कि यह डीपफेक है और इसे AI टेक्नोलॉजी से एडिट किया गया है।
अजीत डोवाल ने भी इसे संदिग्ध बताते हुए कहा कि:

  • आज के समय में वीडियो को तकनीक से बदला जा सकता है
  • किसी भी व्यक्ति की आवाज़ और चेहरे को बदलकर गलत बयान गढ़ा जा सकता है
  • ऐसी सामग्री राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है

फैक्ट चेक: असली वीडियो, AI एडिटिंग का दावा बेबुनियाद

इसी बीच BOOM Live और AltNews ने जांच के बाद कहा कि:

  • यह वीडियो 2014 का असली वीडियो है
  • इसमें कही गई बातें उसी समय के कार्यक्रम से ली गई हैं
  • डीपफेक होने का दावा गलत है

फैक्ट चेक सामने आने के बाद बहस का फ़ोकस बदल गया—अब सवाल यह है कि इतने साल पुराने वीडियो को फिर से किस मकसद से वायरल किया गया?

विवाद के संवेदनशील पहलू

यह मामला सिर्फ़ सच या झूठ का नहीं है, बल्कि इससे जुड़े कई गंभीर पहलू हैं:

1. राष्ट्रीय सुरक्षा की संवेदनशीलता

पुराना बयान आज की परिस्थिति में बड़ा असर डाल सकता है।

2. धार्मिक तनाव की संभावना

वीडियो की सामग्री धर्म आधारित तनाव को भड़का सकती है।

3. डिजिटल गलत सूचना का खतरा

पुराने वीडियो को नए संदर्भ में पेश कर अफवाहें फैलाने की कोशिशें बढ़ रही हैं।

4. राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

वीडियो के दोबारा वायरल होने का टाइमिंग भी कई सवाल उठाता है।

प्रमुख बिंदुओं में पूरा मामला

  • वीडियो 2014 का, लेकिन हाल ही में जानबूझकर वायरल किया गया
  • डोवाल ने इसे तकनीकी रूप से बदले जाने पर संदेह जताया
  • फैक्ट-चेकर्स ने कहा—वीडियो असली, डीपफेक नहीं
  • विवाद में धार्मिक संवेदनशीलता, राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल भ्रम जैसे विषय शामिल
  • जनता में गुस्सा, चिंता और सवालों की नई लहर
  • यह घटना दिखाती है कि डिजिटल युग में पुरानी सामग्री भी भारी उथल-पुथल पैदा कर सकती है

अजीत डोवाल वीडियो विवाद: सभी मुख्य तथ्य

विवरण जानकारी
वीडियो कब बनाया गया वर्ष 2014
वर्तमान वायरल समय हालिया सोशल मीडिया ट्रेंड
वीडियो में दावा ISI हिंदू युवाओं को अधिक भर्ती कर रही है
डोवाल की प्रतिक्रिया वीडियो संदिग्ध, संभवतः तकनीक से बदला हुआ
फैक्ट चेक निष्कर्ष वीडियो असली है, डीपफेक नहीं
फैक्ट चेक स्रोत BOOM Live, AltNews
मुख्य विवाद राष्ट्रीय सुरक्षा, धार्मिक तनाव, डिजिटल अफवाहें
जनता की प्रतिक्रिया अविश्वास, चिंता, बहस
दोबारा वायरल होने का कारण संदिग्ध उद्देश्य, सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव

Sources

Alt News
Deccan Herald
BOOM Live
Australia India Institute archival video
Vartha Bharati English Fact Check

विकास सोलंकी
विकास सोलंकीhttps://www.HindiNews247.com
HindiNews247.com के एडिटर-इन-चीफ़ विकास सोलंकी, हुब्बली, कर्नाटक से खबरों की दुनिया को एक अलग दिशा देने का काम कर रहे हैं। गहरी समझ, निडर पत्रकारिता और संतुलित राष्ट्रभाव उनकी पहचान है। उनका मानना है कि अच्छी पत्रकारिता वही है जो सच, स्पष्टता और ईमानदारी के साथ पाठकों तक पहुँचे।

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