बेंगलुरु, 22 नवंबर, 2025 – बेंगलुरु सिटी पुलिस ने हाई-प्रोफाइल ATM कैश वैन डकैती कांड का सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड—एक सेवारत पुलिस कांस्टेबल—सहित उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है और एक बड़ी राशि ₹5.76 करोड़ बरामद की है।
मंगलवार को हुई इस दिन दहाड़े डकैती में कैश मैनेजमेंट सर्विसेज़ (CMS) की वैन से अनुमानित ₹7.11 करोड़ की लूट हुई थी। पुलिस ने 60 घंटे के भीतर ही मामले को सुलझा लिया, जिससे “अंदरूनी सूत्र” की मिलीभगत की आशंकाएँ सही साबित हुईं।

ऑपरेशन ‘इनसाइड जॉब’: मास्टरमाइंड और 6 महीने की साजिश
जाँच में पता चला कि यह डकैती कोई सामान्य अपराध नहीं था, बल्कि लगभग छह महीने में रची गई एक विस्तृत साजिश थी। इस साजिश में मुख्य रूप से वे लोग शामिल थे जिन्हें सुरक्षा प्रक्रियाओं की अंदरूनी जानकारी थी।
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी:
- अन्नाप्पा नाइक (पुलिस कांस्टेबल): गोविंदराजनगर पुलिस स्टेशन में तैनात, नाइक को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में पहचाना गया है। उसने विस्तृत रूट मैप तैयार किया, युवकों को भर्ती किया और अपराध के लिए अहम ज़मीनी जानकारी प्रदान की।
- ज़ेवियर (पूर्व CMS कर्मचारी): कांस्टेबल का करीबी दोस्त और CMS का पूर्व कर्मचारी। उसने एजेंसी के संचालन और कैश-इन-ट्रांजिट-व्हीकल (CITV) की सुरक्षा विशेषताओं से संबंधित महत्वपूर्ण अंदरूनी जानकारी प्रदान की।
- CMS वाहन आवाजाही प्रभारी: गिरफ्तार किए गए इस व्यक्ति पर वैन की गतिविधियों पर नज़र रखने और इंटरसेप्शन के लिए महत्वपूर्ण जानकारी लीक करने का संदेह है।
डकैती का तरीका
6 से 8 अपराधियों के गिरोह ने अशोक पिलर/जयनगर डेयरी सर्कल के पास CMS वैन को इंटरसेप्ट किया। आरोपियों ने खुद को आरबीआई (RBI) अधिकारी बताकर कर्मचारियों को पिस्तौल की नोक पर धमकाया और ₹7.11 करोड़ से भरे कैश बॉक्स को कब्ज़े में ले लिया।
साजिश के मुख्य बिंदु:
- तैयारी: टीम ने वैन के रूट और सीसीटीवी के अंधा-धुंध स्थानों का पता लगाने में महीनों बिताए।
- भागने का वाहन: उन्होंने एक इनोवा एसयूवी का इस्तेमाल किया, जिस पर एक चुराया हुआ या कॉपी किया हुआ पंजीकरण नंबर लगा था, जिसे कांस्टेबल ने ड्यूटी के दौरान पार्क की गई एक कार से नोट किया था।
- इंटरसेप्शन: डकैती के दौरान और उससे पहले, कांस्टेबल और पूर्व CMS कर्मचारी के बीच मोबाइल डेटा के माध्यम से लगातार संपर्क बना हुआ था, जो पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ।
मामला हल: ₹5.76 करोड़ की भारी बरामदगी
यह त्वरित सफलता पुलिस द्वारा अंदरूनी सूत्रों और आपराधिक नेटवर्क पर केंद्रित गहन जाँच के कारण मिली।
जाँच में सहायक मुख्य सुराग:
- मोबाइल टावर डेटा: डकैती स्थल के पास के मोबाइल टावर डेटा विश्लेषण से कांस्टेबल और पूर्व CMS कर्मचारी के बीच लगातार संचार की पुष्टि हुई।
- त्यागा गया वाहन: भागने के लिए इस्तेमाल की गई एसयूवी को चित्तूर जिले, आंध्र प्रदेश के तिरुपति के पास लावारिस हालत में पाया गया।
- पैसा बरामद: पुलिस ने चेन्नई और आंध्र प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों से छापेमारी के दौरान ₹5.76 करोड़ की बड़ी राशि सफलतापूर्वक बरामद कर ली।
पुलिस आयुक्त ने गिरफ्तारियों और बरामदगी की पुष्टि करते हुए यह भी बताया कि CMS कैश वैन ने कई आरबीआई सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन किया था, जिससे उसकी भेद्यता बढ़ गई थी। इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने वाली पुलिस टीम को ₹5 लाख नकद इनाम देने की घोषणा की गई है।
प्रमुख जानकारी सारणी
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कुल लूटी गई राशि | ₹7.11 करोड़ |
| बरामद की गई राशि | ₹5.76 करोड़ |
| मामले की स्थिति | 60 घंटे के भीतर सुलझाया गया |
| मास्टरमाइंड गिरफ्तार | पुलिस कांस्टेबल अन्नाप्पा नाइक |
| अन्य मुख्य आरोपी | पूर्व CMS कर्मचारी और CMS वाहन प्रभारी |
| कुल प्रमुख गिरफ्तारियाँ | 3 मुख्य व्यक्ति (अतिरिक्त लॉजिस्टिक सहयोगी भी) |
| डकैती का स्थान | साउथ एंड सर्किल/अशोक पिलर के पास, बेंगलुरु |
| पुरस्कार | पुलिस टीम को ₹5 लाख नकद इनाम |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. बेंगलुरु कैश वैन डकैती का मुख्य साजिशकर्ता कौन था?
मुख्य साजिशकर्ता सेवारत पुलिस कांस्टेबल अन्नाप्पा नाइक था, जिसे CMS के एक पूर्व कर्मचारी और वाहन प्रभारी के साथ गिरफ्तार किया गया है।
Q2. कुल कितनी राशि चोरी हुई थी और कितनी बरामद की गई है?
ATM कैश वैन से कुल ₹7.11 करोड़ की चोरी हुई थी, जिसमें से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ₹5.76 करोड़ की बड़ी राशि बरामद कर ली है।
Q3. अंदरूनी सूत्रों ने इस अपराध को कैसे अंजाम दिया?
कांस्टेबल ने पूर्व CMS कर्मचारी के साथ मिलकर साजिश रची, जिसने रूट की जानकारी दी, जबकि CMS वाहन प्रभारी ने वैन के वास्तविक समय के स्थान की जानकारी लीक की।
Q4. पुलिस ने इतने कम समय में केस कैसे क्रैक किया?
पुलिस ने मोबाइल टावर डेटा का गहन विश्लेषण किया, जिससे कांस्टेबल और पूर्व कर्मचारी के बीच संपर्क का पता चला। इसके बाद, लावारिस इनोवा एसयूवी की खोज से अपराधियों के ठिकाने का पता चला।
Q5. CMS वैन में कौन सी सुरक्षा खामियाँ पाई गईं?
जाँच में पता चला कि लूट के समय CMS कैश वैन कई RBI सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन कर रही थी, जिसने वैन को डकैती के प्रति अधिक संवेदनशील बना दिया।
स्रोत (Sources)
यह रिपोर्ट आधिकारिक पुलिस संचारों और प्रमुख समाचार प्रकाशनों की सत्यापित रिपोर्टों को समेकित करके तैयार की गई है।
- प्राथमिक स्रोत: बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमंत कुमार सिंह की ओर से आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग और सिद्धापुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR।
- सत्यापन स्रोत: हिंदुस्तान टाइम्स, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, द न्यूज़ मिनट, और एनडीटीवी।


